प्रश्न और उत्तर कक्षा 6 SST पाठ 5 भारत अर्थात् इंडिया

प्रश्न और उत्तर कक्षा 6 SST पाठ 5 भारत अर्थात् इंडिया
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कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान का पाठ 5 “भारत अर्थात् इंडिया” हमारे देश की पहचान, नाम और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को समझाता है। यह पाठ बताता है कि हमारे देश को अलग-अलग समय में विभिन्न नामों से जाना गया, जैसे—भारत, इंडिया, हिंदुस्तान और जंबूद्वीप।

प्रश्न, क्रियाकलाप और परियोजनाएँ – उत्तर


प्रश्न 1. अध्याय के आरंभ में दिए गए उद्धरण का क्या अर्थ है? चर्चा कीजिए।

अध्याय की शुरुआत में श्री अरविंद का उद्धरण दिया गया है।
इसका अर्थ है कि भारत प्राचीन काल से ही सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से एकजुट रहा है।

हालाँकि भारत में अलग-अलग भाषाएँ, क्षेत्र और परंपराएँ थीं, फिर भी लोगों के बीच एकता की भावना थी। हिमालय पर्वत और समुद्र इसकी प्राकृतिक सीमाएँ थीं।

इस उद्धरण से पता चलता है कि भारत केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक एकता का देश है।


प्रश्न 2. सही अथवा गलत की पहचान कीजिए:

  1. ऋग्वेद में भारत के संपूर्ण भूगोल का वर्णन किया गया है।
    ❌ गलत – ऋग्वेद में मुख्यतः उत्तर-पश्चिम क्षेत्र ‘सप्त सिंधव’ का वर्णन है।
  2. विष्णु पुराण में संपूर्ण उपमहाद्वीप का वर्णन किया गया है।
    ✅ सही – इसमें समुद्र के उत्तर और हिमालय के दक्षिण के क्षेत्र को ‘भारत’ कहा गया है।
  3. अशोक के समय ‘जंबुद्वीप’ में आज का भारत, अफगानिस्तान के कुछ क्षेत्र, बांग्लादेश और पाकिस्तान सम्मिलित थे।
    ✅ सही
  4. महाभारत में कश्मीर, कच्छ और केरल सहित कई क्षेत्रों का उल्लेख है।
    ✅ सही
  5. ‘हिंदुस्तान’ शब्द का प्रयोग 2000 वर्ष से भी पहले सबसे पहले एक यूनानी शिलालेख में किया गया था।
    ❌ गलत – यह शब्द सबसे पहले एक फारसी शिलालेख में मिला था।
  6. प्राचीन फारसी में ‘हिंदू’ शब्द का प्रयोग हिंदू धर्म के लिए किया गया था।
    ❌ गलत – उस समय यह शब्द केवल भौगोलिक क्षेत्र के लिए प्रयोग होता था।
  7. विदेशी यात्रियों द्वारा इंडिया को ‘भारत’ नाम दिया गया।
    ❌ गलत – ‘भारत’ नाम भारतीय ग्रंथों से आया है।

प्रश्न 3. यदि आपका जन्म 2000 वर्ष पूर्व हुआ होता और आपको अपने देश का नामकरण करने का अवसर मिलता, तो आप किस नाम का चयन करते और क्यों?

यदि मेरा जन्म 2000 वर्ष पहले हुआ होता, तो मैं अपने देश का नाम “भारतवर्ष” रखता, क्योंकि यह नाम हमारी एकता और परंपरा को दर्शाता है।

या मैं इसे “सप्तसिंधु भूमि” कहता, क्योंकि नदियाँ हमारे जीवन का आधार थीं और देश की पहचान भी।

मैं ऐसा नाम चुनता हूँ जो हमारे प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक एकता को प्रकट करे।


प्रश्न 4. प्राचीन काल में विश्व के विभिन्न भागों से लोग भारत की यात्रा क्यों करते थे? उनके उद्देश्य क्या थे?

प्राचीन काल में लोग भारत की यात्रा कई कारणों से करते थे—

  1. व्यापार के लिए – भारत मसाले, रेशम, कपास और कीमती पत्थरों के लिए प्रसिद्ध था।
  2. शिक्षा के लिए – नालंदा जैसे प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों में अध्ययन करने आते थे।
  3. धर्म के लिए – बौद्ध धर्म और अन्य शिक्षाओं को सीखने आते थे।
  4. अन्वेषण के लिए – नए स्थानों को जानने की इच्छा से।
  5. राजनीतिक कारणों से – कुछ शासक अपने साम्राज्य का विस्तार करने आते थे।

इस प्रकार भारत प्राचीन काल से ही विश्व का आकर्षण केंद्र रहा है।

Author: Nikhil Kumar

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